स्वास्थ्य ही धन है

जब भी हम जीवन में सफलता की बात करते हैं, तो अक्सर आर्थिक, सामाजिक या व्यावसायिक उपलब्धियों पर ज़ोर देते हैं। लेकिन सच पूछा जाए तो सबसे बड़ा धन हमारा स्वास्थ्य है। यदि शरीर और मन स्वस्थ न हों, तो दुनिया की कोई भी भौतिक उपलब्धि हमें वास्तविक सुख नहीं दे सकती। स्वस्थ जीवन का … Read more

मेरा भारत महान

भारत एक ऐसा देश है जहाँ विविधता के रंग बड़े ही अनोखे ढंग से मिलते हैं। इसकी महानता सिर्फ़ इसके विशाल भौगोलिक क्षेत्र या विशाल जनसंख्या से नहीं आँकी जाती, बल्कि इसकी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक इतिहास, और भाषाई विविधता इसे विश्व के मानचित्र पर अद्वितीय बनाती है। सबसे पहले बात करते हैं संस्कृति की। भारत … Read more

गणतंत्र दिवस

भारत का गणतंत्र दिवस प्रतिवर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। यह वह दिन है जब सन 1950 में देश का अपना संविधान लागू हुआ और भारत एक सम्पूर्ण गणतांत्रिक राष्ट्र बना। इस दिन के ऐतिहासिक महत्त्व को समझने के लिए हमें देश की आज़ादी की पृष्ठभूमि पर भी दृष्टि डालनी चाहिए। लंबे संघर्ष और … Read more

मेहनत का फल

राघव एक छोटे से गाँव में रहता था। वह बहुत मेहनती तो था, परंतु जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने का सपना भी रखता था। उसके पिता किसान थे और दिन-भर खेतों में काम किया करते थे। राघव उनकी मदद जरूर करता, मगर उसका मन पढ़ाई में अधिक लगता था। हर रोज़ भोर में उठकर … Read more

व्यायाम का महत्त्व

मनुष्य के सम्पूर्ण विकास में शारीरिक स्वास्थ्य का विशेष स्थान रहा है। प्राचीन समय में लोगों का दैनिक जीवन श्रमसाध्य हुआ करता था, इसलिए उन्हें अलग से व्यायाम की आवश्यकता कम ही पड़ती थी। किंतु आधुनिक जीवनशैली में अधिकांश कार्यों के लिए मशीनों और तकनीक का सहारा लिया जाने लगा है। इससे शरीर को श्रम … Read more

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन भारत का एक पवित्र पर्व है जो भाई-बहन के निर्मल स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती है, और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है। सदियों से यह त्योहार पारिवारिक प्रेम को प्रगाढ़ करता आ रहा है। प्राचीन कथाओं से लेकर आधुनिक … Read more

प्रदूषण

प्रदूषण आज की दुनिया में उभरती उन चुनौतियों में से एक है, जो हमारे अस्तित्व को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रही हैं। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित औद्योगिकीकरण और तेज़ी से बदलती जीवनशैली ने पर्यावरण को ऐसा नुकसान पहुँचाया है जिसकी भरपाई करना अत्यंत कठिन होता जा रहा है। वायु, जल, भूमि—तीनों ही स्तरों पर प्रदूषण … Read more

मेरा गाँव

मेरा गाँव प्रकृति की गोद में बसा एक शांत और सुरम्य स्थान है। यहाँ की मिट्टी में एक सौंधी महक है, जो कभी न भूलने वाली यादें छोड़ जाती है। गाँव की गलियों में सादगी और अपनापन दिखाई देता है, जहाँ हर कोई एक-दूसरे को नाम से जानता है। सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट और हल्की … Read more

पेड़ की आत्मकथा

मैं एक पेड़ हूँ, जो बरसों से धरती की छाया बना हुआ हूँ। मेरा तना मज़बूत है और मेरी जड़ें धरती के भीतर गहराई तक फैली हुई हैं। दिन-रात मैं मौसमों की मार सहता हूँ, कभी तेज़ धूप मुझे जलाती है, तो कभी मूसलाधार बारिश मुझे भिगो देती है। फिर भी मुझे कोई शिकायत नहीं, … Read more

राखी का मूल्य

1) कर्णावती : बड़ा कठिन प्रसंग है। इस समय मेरे स्वामी नहीं हैं। नहीं तो उनके रहते मेवाड़ की ओर आँख उठाने का किसमें साहस था? क) कर्णावती क्यों चिंतित हैं? उत्तर: कर्णावती अपने पति महाराणा साँगा की अनुपस्थिति में मेवाड़ की सुरक्षा को लेकर अत्यंत चिंतित हैं। उन्हें लगता है कि उनके पति के … Read more

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